Rajasthan Caste Certificate Online Apply
राजस्थान के सभी लोग जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग (SC/ST/OBC Category) के अंतर्गत आते हैं वह ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीके से Rajasthan Jati Praman Patra बनवाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी ऑनलाइन माध्यम से राजस्थान जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना चाहते है तो वह बहुत ही आसानी घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
SC, ST, OBC जाति के लिए कास्ट सर्टिफिकेट बनवाना बहुत जरुरी है क्योंकि यह एक सरकारी दस्तावेज होता है जो राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र से यह पता चलता है कि राजस्थान में रहने वाला व्यक्ति किस जाति से सम्बन्ध रखता है। इसकी मदद से राज्य में रहने वाली विभिन्न जातियों की संख्या की गणना भी की जा सकती है।
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राजस्थान जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन कैसे करे ?
राज्य के इच्छुक जो लाभार्थी Rajasthan Caste Certificate Online Apply आवेदन करना चाहते है वह अपने नजदीकी (CSC) कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर या फिर हमारे द्वारा दिए गए स्टेप्स के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
- Rajasthan Caste Certificate Online Apply करने के लिए Goverment Of Rajasthan की ई-मित्रा पोर्टल की ऑफिशियल वेबसाइट में प्रवेश करें।
- उसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुलेगा।
- होम पेज में login के ऑप्शन में क्लिक करें। अगर आपके द्वारा पहले से पोर्टल में लॉगिन किया गया है तो लॉगिन आईडी दर्ज करें।
- अगर पोर्टल में लॉगिन नहीं किया गया है तो रजिस्ट्रेशन के विकल्प में क्लिक करें।
- सफलतापूर्वक पंजीकरण हो जाने के बाद आप लॉगिन करके सरलता से आवेदन कर सकते है।
- login करने के बाद आपको नए पेज में E-Mitra के विकल्प में क्लिक करना है। इसके पश्चात service के सेक्शन में Available service के लिंक में क्लिक करके Application के ऑप्शन का चयन करें।
- अगले पेज में आपको सेवा के आवेदन वाले विकल्प में Caste Certificate लिखकर दर्ज करना है
- अब आपको कौन से श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र बनाना है उसका चयन करना है।
- अगले पेज में आपको भामाशाह आईडी ,आधार आईडी ,ई मित्र पंजीकरण संख्या में से किसी एक का चयन करके आईडी नंबर को दर्ज करना है।

- अब आपकी स्क्रीन में जाति प्रमाण पत्र फॉर्म प्राप्त हो जायेगा। फॉर्म में पूछी गयी सभी प्रकार की जानकारी को दर्ज करके फॉर्म के साथ मांगे गए दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को फॉर्म के साथ अपलोड करके, सबमिट पर क्लिक करें।
- अगले पेज में आपको शुल्क भुगतान से संबंधी प्रक्रिया को पूर्ण करना होगा।
- शुल्क भुगतान पूर्ण हो जाने के बाद आपको जाति प्रमाण पत्र से संबंधी रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा।
- इस तरह राजस्थान जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन से संबंधित आपकी प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।
राजस्थान जाति प्रमाण पत्र आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें ?
- आवेदन स्थिति की जांच करने के लिए आवेदक को राजस्थान ई-मित्रा पोर्टल की ऑफिशियल वेबसाइट में जाना होगा।
- उसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होम पेज खुल जायेगा।
- होम पेज में आवेदक को ONLINE VERIFICATION SECTION(TRACK TRANSACTION) के ऑप्शन में क्लिक करना है।

- अगले पेज में Transaction ID या Receipt Number को दर्ज करें। और सर्च के ऑप्शन में क्लिक करें।
- अब आपके सामने राजस्थान जाति प्रमाण पत्र आवेदन स्थिति से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी।
जाति प्रमाण-पत्र - दिशा निर्देश
➤राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा चर्ग एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के संब्रध मे निम्नलिखित दिशा निर्देश जारी किये जाते है।
1. 1. जाति प्रमाण पत्र :- जाति प्रमाण पत्र से तात्पर्य भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के लिये समय-समय पर जारी किये गये गज़ट नोटिफिकेशन ,“ अधिसूचनाओं में शामिल जातियों को राज्य सरकार द्वारा अधिकृत प्राधिकारी द्वारा भारत सरकार ,“राज्य सरकार द्वारा निधारित प्रारूप में जारी किये गये प्रमाण पत्र से है!
2. जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाला सक्षम अधिकारी- जाति प्रमाण पत्र उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किये जायेगें।
3. जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया:-
आवेदक-
(I) राजस्थान राज्य का मूल निवासी :- ऐसा व्यक्ति जो अनुसूचित जाति,” जनजाति,”अन्य पिछडा वर्ग,“विशेष पिछडा वर्ग का राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो।
(II) अन्य राज्यों से भाईग्रेट होकर आये व्यक्तियो के संबध में :- यदि आवेदक मूल रूप से राजस्थान राज्य से बाहर किसी अन्य राज्य का निवासी है तथा माईग्रेट होकर शिक्षा,“ रोजगार आदि प्राप्त करने के लिए राजस्थान राज्य में स्थायी रूप से निवास कर रहा है तथा यही से मूल निवास प्रमाण पत्र प्राप्त किया हो, तो उस व्यक्ति की संतान को राजस्थान राज्य मे जन्म के आधार पर जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिये आवेदन पात्र होगी।
आवेदन पत्र का प्रारूप एवं सलंग्न किये जाने वाले दस्तावेज :-
(1) SC/ST हेतु आवेदन परिशिष्ट 'अ' के अनुसार
(2) OBC/SBC हेतु आवेदन परिशिष्ट 'क' के अनुसार
सलंग्न दस्तावेजों कि सूचि :-
(I) राशनकार्ड / मतदाता सूची,“ अचल सम्पति के मालिकाना हक संबधी दस्तावेज किरायॉनामा / गैंस कनेक्शन,” बिजली, प्रानी, टेलिफोन का बिल,/शिक्षा प्रमाण- पत्र |
(II) पिता की जात्ति का साक्ष्य हेतु प्रमाण-पत्र (जाति प्रमाण पत्र यदि उपलब्ध हो तो) भूमि की जमाबंदी , आय प्रमाण-पत्र हेतु (जिनके पास आई.टीआर एवं राज्य केन्द्रीय हिताधिकारी,” कर्मचारी की वेतन पत्र,“पे-स्लीप नहीं है तो निर्धारिति प्रमाण-पत्र मे दो अलग-अलग राज्य केन्द्रीय अधिकारी, ”“कर्मचारी के द्वारा जारी प्रमाण-पत्र सलंग्न करें) आयकर रिटर्न संबंधी दस्तावेज,“ मूल निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पश्र जिसमे जाति का उल्लेख हो यदि उपलब्ध हो तो आवेदन पत्र के साथ सलंग्न किया जायेगा
(III) OBC/SBC के लिये उत्त्तरदायी व्यक्तियों द्वारा देय साक्ष्य (पर्रिशिष्उ-ब्रो) अनुसार, उत्तरदायी व्यक्ति से आशय संसद सदस्य,“ विधानसभा सदस्य,“ जिला प्रमुख,” प्रधान,” जिला परिषद सदस्य/ सरंपंच॑/ राजकीय अधिकारी कर्मचारी से हैं।
(IV) आवेदन पत्र में आवेदक के पास आधार नम्बर,”भामाशाह कार्ड होने की स्थिति मे उक्त नम्बर का अंकन किया जाना भी आवश्यक होगा। यदि आवेदक परिवार का मुखिया नहीं है एवं उसके परिवार के मुखिया को जारी किये गये भाभाशाह कार्ड से उसका नाम अंकित है तो मुखिया को जारी भामाशाह कार्ड की प्रति लगानी आवश्यक होगी।
आवेदन जांच एवं आवेदन पत्र तथा जारी किये जाने वाले प्रमाण पत्र का प्रारूप :-
{i} सक्षम अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ कार्मिक यथा पटवारी,“गिरदायर आदि से गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी किये गये एवं आवेदक के पैतृक,” स्वंय के राजस्व रिकार्ड आदि में उसके जाति का परीक्षण करवोया जायेगा इसके अतिरिक्त यदि आवश्यक हो तो शैक्षणिक रिकार्ड नगरपालिका”ग्राम पंचायत के रिकार्ड का भी जांच,” परीक्षण किया जा सकेगा जिसमे उसके स्वयं पैतृक जात्ति की पुष्टि होती हो। परीक्षण उपरान्त जाति प्रमाण पत्र हिन्दी एवं अग्रेज़ी द्विभाषा में एक साथ ही जारी किया जायेगा।
{ii} SC/ST एवं OBC/SBC प्रमाण पत्र का प्रारूप क्रमशः परिशिष्ट 'ब' 'ख' “ग' अनुसार ही मान्य होगा।
{iii} OBC/SBC के लिए जारी किये जाने बाले प्रमाण पत्र का प्रारूप उपरोक्त परिशिष्ठ ख वग के अनुसार क्रिमीलेयर मे नहीं होने संबधी पैरा 3 को काटकर कर जारी किया जायेगा।
{iv} भारत सरकार मे नियुक्तियों के लियेपरिशिष्ट -घ अनुसार
जाति प्रमाण-पत्र की संशोधित एवं दोहरी प्रति :-
संक्षम प्राधिकारी द्वारा निम्नाकित परिस्थितियों में दुबारा जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जावेगा।
(1) प्रमाण-पत्र गुम हो जाने, कट-फट जाने या ख़राब हो जाने पर दोहरी जारी की सकेगी।
(2) नाम बदलने पर संशोधित प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकेगा।
(3) कालान्तर में आयु वृद्धि के अनुसार पहचान के लिए मांग करने पर नये फोटो युक्त नवीन प्रमाण-पत्र जारी किया जावेगा |
(4) यदि जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाला सक्षम अधिकारी आवेदक के आवेदन को किसी कारण से खारिज “निरस्त करता है तथा आवेदक यह महसूस करता है कि उसका आवेदन पत्र एवं उसके साथ समस्त सलंग्न दस्तावेज सत्य है तथा वह उक्त जाति प्रमाण-पत्र ने जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र छानबीन एवं सतर्कता समिति के अध्यक्ष को लिखित में समस्त साक्ष्यों सहित आवेदन कर सकेगा। जिला स्तरीय समिति उक्त आविदन पत्र का गहनता से जाँच,” परीक्षण कर यदि समिति का यह निष्कर्ष रहता है कि आवेदक का आवेदन पत्र सही है तो यह संबद्धित सक्षम अधिकारी को नियमानुसार जाति प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु मिर्देश दे सकेगी। एवं यदि आवेदन पत्र खारिज योग्य पाया जाता है तो उसे संमिति द्वारा निएफत कर दिया जावेगा परन्तु निरस्त का आदेश कारणों सहित जारी किया जायेगा।
4. जाति प्रमाण पत्र की वैधता अवधि —
1. अनुसूचित जाति,”जनजाति के लिये जारी किये गये जाति प्रमाण-पत्रो की अवधि जीवन पर्यन्त होगी जबकि 08८ के लिये संग्रधी प्रमाण-पश्न एक बार ही जारी किया जावेगा परन्तु क्रिमीलेयर मे नहीं होने संबधी तथ्य को तीन वर्ष के विधि सम्मत शपथ-पत्र के आधार पर मान्यता दी जायेगी।
2. क्रिमीलेयर में नहीं होने संबंधी प्रमाण-पत्र एक वर्ष के लिए मान्य होगा एक बार क्रिमीलेयर में नहीं होने का प्रमाण-पत्र जारी होने के उपरान्त अगर प्रार्थी आगामी वर्ष में भी क्रिमीलेयर में नहीं हे तो ऐसी स्थिति मे उससे सत्यापित शपथ-पत्र (परिशिष्ट--ड्र) लेकर पूर्व मे जारी प्रमाण-पत्र को ही मान लिया जावे ऐसा अधिकतम तींन वर्ष तक किया जा सकता है|
5. जाति प्रमांण-पत्रों का सत्यापन :- अनुसूचित जाति,“जनजाति,“अन्य पिछडा वर्ग //विशेष पिछड़ा वर्ग के आवेदक को जाति प्रमाण पत्र जारी होने के पश्चात यवि आवेदक द्वारा उक्त जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर किसी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेने, किसी नियोक्ता के अधीन सेवा मे नियोजित होने या अन्य किसी प्रयोजन के लिए यदि उक्त जात्ति प्रमाण-पत्र के आधार पर कोई आरक्षण,/शिकायत प्राप्त की गयी हो तो शैक्षणिक संस्थान, नियोक्ता या अन्य किसी प्राधिकारी द्वारा उक्त जाति प्रमाण-पत्र के सत्यापन करवाये जाने की स्थिति मे जिला कलक्टर द्वारा उक्त जाति प्रमाण-पत्र का सत्यापन करवाया जाकर सत्यापन रिर्पोट संबन्धित प्राधिकारी क्रो उनके वांछितानुसार भिजवायी जा सकेगी। उक्त सत्यापन रि्पोट 6 माह में आवश्यक रूप से भिजवाई जानी आवश्यक होगीं। यदि कोई प्रकरण सर्तकता समिति एवं छानबीन समित्ति मे विचाराधीन है तथा उसमे अन्तिम निर्णय में विल्म्ब हो रहा हो तथा शैक्षणिक संस्था ,“नियोक्ता के यहां पर निर्धारित अंतिम तिथि निकल गयी हो तो शैक्षणिक संस्था # नियोक्ता द्वारा अस्थायी प्रवेश,” नियुक्ति दी जाएगी तथा वह प्रवेश,/नियुक्तित फ़ानबीन समिति के निर्णय के आधीन रहेगी।
6.जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र छानबीन एवं सतर्कता समिति :-
अनुसूचित जाति,”जनजात्ति,/अन्य पिछडा वर्ग//विशेष पिछडा वर्ग के शंकांप्रस्द, फर्जी /झूठा जाति प्रमाण-पत्र जारी हो जाने की स्थिति मैं एवं जाति प्रमाण-पत्र की शिकायत प्राप्त होने पर उक्त जाति प्रमाण-पत्र के परीक्षण,” जांच द्वेतु प्रत्येक जिले में एक जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र सतर्कता समिति का प्रशासनिक सुधार विमाग राजस्थान सरकार द्वार आदेश क़मांक प.७एुप्र0सु0, /अनु,3/2011 विनांक 23.07.15 को गठन किया यया है। (परिशिष्ठ-बी ) जो कि निम्न प्रकार से है :-
1... जिला कलक्टर अध्यक्ष
2... भ्षतिरिक्त जिला कलक्टर (राजस्व) समन्वयक
3. अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पदेन प्रभारी अधिकारी (माडा),
4 .जिला परिषद सदस्य संबन्धित उप जिला मणिस्ट्रेट,“ उपखण्ड अधिक्रारी सदस्य
5. जिला अधिकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सदस्य
उपरोक्त समिति में झूठे फर्जी एवं शंकास्पद जाति प्रमाण-पत्रों के मामले दर्ज किये जा सकेगे तथा समिति जारी किये गये जाति प्रमाण-पत्रो की अपने स्तर पर परीक्षण करेगी तथा परीक्षण उपरान्त सत्यता का निष्कर्ष सहित अपना निर्णय लिया जाकर जाति प्रमाण-पत्र की वैद्वता,/अवैद्यता के संबंध मे समुचित आदेश दो माह मे जारी करेगी। तथा संबन्धित पक्षो को उक्त निर्णय से पंजीकृत्त डाक द्वारा अविलम्ब सूचना दी जावेगी। परन्तु उक्त सूचना अधिकतम एक मा में दी जावेगी तथा नाबालिग की स्थिति में उसके माता-पिता,” संरक्षक को तत्काल सूचना प्रेषित की जादेगी। यदि उक्त अवधि में निर्णय नही किया जा सकता है तो उसके कारणों का अक्वन किया जाना आवश्यक होगा। तथा निर्णय की सूचना शैक्षणिक संस्था,” नियोक््ता को भी तत्काल दी जावेगी। जांति प्रमाण-पत्र कौ सत्यता का परीक्षण करने के समय सम्बन्धित पक्षों यथा शिकायतकर्त्ता एवं जिसका जाति प्रमाण-पत्र है उसको अपना पक्ष रखने हेतु समुचित अवसर प्रदान करने हेतु नोटिस जारी किया जावैगा एवं नाबालिग की स्थिति में उसके माता-पिता,” संरक्षक को ऐसे नोटिस जारी किये जा सकेगे।
7. जिला स्तरीय समिति के निर्णय के विरूद्द राज्य स्तरीय छानबीन एवं सर्तकता संभिति में अपील :-जाति प्रमाण-पत्र के सबध में शिकायतकरत्तों एवं वह पक्ष जिसके विरृद्त शिकायत की गयी है जिला स्तरीय समिति के निर्णय से अंसुत्तष्ट होने पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति मे जिला समिति के निर्णय दिनांक से 30 दिवस में अपील की जा सकेगी। झूठे एवं शंकास्पद /”फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों को जारी होने तथा दुरूपयोग करने के प्रकरणों को रोकने के लिए राज्य सरकार के आदेश क्रमांक प 6(10प्र.सु,वि/ अनु-3 “2011 जयपुर दिनांक 18.03.2011 [पशिशिष्ट-ए) द्वाश निम्न प्रकार से राज्य स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया गया है +-
1. प्रमुख शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अध्यक्ष
2. आयुक्त,/निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सदस्य
3. शासन सचिव, जनजातिय विकास विभाग सदस्य उक्त राज्य स्तरीय छानबीन समिति ज़िला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र छानबीन एवं सत्तर्कता समिति से प्राप्त निर्णय के विरूद्र अपील दायर होने पर युक्तियुक्त समय में उक्त जाति प्रमाण पत्र के संबध में जिला स्तरीय समिति के निर्णय का प्रशीक्षण करेंगी तथा आवश्यकता होने पर अपने स्तर पर पुन: संबन्धित प्रकरण यथा जापिि प्रमाण-पत्र, प्रस्तुत किये गये साक्ष्य/ दस्तावेज एवं जिला स्तर पर की गयी जांच रिपोंट का परीक्षण कर अपने स्तर पर निर्णय करेगी। एवं राज्य स्तरीय छानबीन समिति द्वारा यधि यह पाया जाता है कि जिला स्तरीय समिति द्वारा लिया गया निर्णय उचित है तो अपील को राज्य स्तरीय समिति द्वारा निरस्त किया जा सकेगा। एवं जिला स्तरीय समिति का निर्णय अनुचित्त पाये जाने पर राज्य स्तरीय छानबीन भ्षमिति द्वारा उक्त प्रमाण पत्र के संबच्च में उचित आदेश जारी किया जा सकेगा जिसकी पालनाके क्षिये जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाला सक्षम प्राधिकारी बाध्य होगा एवं इस निर्णय को केवल माननीय उच्च न्यायालय में ही चुनौती दी जा सकेगी। छानबीन समिति द्वारा पारित किए गये निर्णय क्रो शैक्षणिक संस्था,” नियोक्ता को तत्काल निर्णय से अवगत केशाया जावेगा।
उपरोक्त प्रकोष्ठ छानद्वीन समित्ति के निर्वेशानुसार कार्य करेगा।
8 . झूठे जाति प्रमाण पत्रो के संबध में दण्डात्मक कार्यावाहीः-
किसी भी व्यक्ति द्वाश प्राप्त किये गये जाति प्रमाण पत्र के संब्ध में जाँच के पश्चात यह पाया जाता है कि आवेदक द्वारा गलत तथ्यों /“साक्ष्यों के आधार पर जात्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया है तो उसके विरूद्ध आवश्यक रूप से कानूनी कार्यावाही की जा सकेगी। इसके अलावा जाति प्रमाण जारी करने वाले सक्षम अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा यदि निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों का उल्लंघन करके अवैध प्रमाण पत्र जारी किया है तो उन दोषी कार्मिकों // प्राधिकारियों के विरूद्द भी आवश्यक रूप से कानूनी कार्यावाही की जावेंगी |
9. रिकार्ड संघारण:-
1) जाति प्रमाण-पत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो कि व्यक्ति के पूर्वजों एवं भावी पीढी की पहचान का आंघार होता है जाति प्रमाण-पत्र के संबध मे प्रत्येक तहसील कार्यालय मे एक संकलित स्थायी रजिस्ट्रर का संधारण करते हुए उक्त समस्त रिकार्ब साफ-सुथरे एवं अच्छी सुरक्षा में रखे जायेगे तथा उक्त जाति प्रमाण-पत्रो का आजीवन स्थाई रिकार्ड संघारित किया जावैगा। उक्त रिकार्ड निरीक्षण के लिये सदैव उपलब्ध करवाये जायेगे।
(2) रिकार्ड रखरखाव अवधि--
(क) जारी किये गये जाति प्रमाण पन्नों का एक संकलित रजिस्ट्रर,” रिकार्ड सच्चारित किया जायेगा जो कि स्थायी रूप से आजीवन रहेगा।
[खि) व्यक्तिगत जाति प्रमाण पत्रों की एक प्रति कार्यलय रिकार्ड में रखी जायेगी तथा उसकी रखरखाव की अवधि न्यूनतम 30 वर्ष होगी।
10 . ऑन लाईन आवेदन :- अनुसूचित जाति ,“ जनजाति,” अन्य पिछडा वर्ग,” विशेष पिछडा वर्ग के आवेदक द्वाद्य निर्धारित प्रारूप मे समस्त दस्ष्तावेजों सहित सम्पूर्ण राज्य मे कार्यरत ई-मित्र केन्द्रों (एकीकृत नागरिक सेवा केन्द्र) एवं जिले में नेशनल ई--गर्बनेंस प्लान के तहत स्थापित किये जाने वाले सीएससी केन्द्रों (एकीकृत नागरिक सेचा केन्द्र! के माध्यम से जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन किया जायेगा। सभी जाति प्रमाण पत्र शज्य सरकार द्वारा अधिसूचित्त बेबसाइट से ऑन-लाईन जारी किये जायेगें। आवेदन पत्र मे आवेदक क॑ पांस आधार नम्बर,“ भामाशाह कार्ड होने की स्थिति में उक्त नम्बर का अंकन किया जाना भी आवश्यक होगा। यदि आवेदक परिवार का मुखिया नहीं है एवं उसके परिवार के मुखिया को जारी किये गये भामाशाह् कार्ड में उसका नाम अंकित है तो मुखिया को जारी भामाशाह कार्ड की प्रति लगानीं आवश्यक होगी।
