12 अगस्त, 2022

कृषि वानिकी

 

उद्देश्य
  • कृषि एवं पशुपालन में उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, रोजगार बढ़ाना, आमदनी बढ़ाना और ग्रामीण परिवारों की विशेष रूप से छोटे कृषकों के जीवन स्तर में सुधार करना।
  • गुणवत्तायुक्त उन्नत पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
अनुदान

कृषि वानिकी सब मिशन के तहत इकाई लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देय है। वृक्षारोपण गतिविधि अन्तर्गत 4 वर्षों में 40:20:20:20 के अनुपात में भुगतान किया जाता है।

क्र.गतिविधिइकाई लागत(रुपये)
1नर्सरी विकास 
 छोटी नर्सरी10.00 लाख प्रति नर्सरी
 बडी नर्सरी16.00 लाख प्रति नर्सरी
 हाईटेक नर्सरी40.00 लाख प्रति नर्सरी
2वृक्षारोपण 
 खेत की सीमा (मेड) पर वृक्षारोपण70 रू. प्रति पौधा
 खेत में कम घनत्व का वृक्षारोपण (100-500 पौधे)28000 रू. प्रति हेक्टेयर
 उच्च घनत्व वृक्षारोपण (501-1000 पौधे)30000 रू. प्रति हेक्टेयर
 उच्च घनत्व वृक्षारोपण (1001-1200 पौधे)  35000 रू. प्रति हेक्टेयर
 उच्च घनत्व वृक्षारोपण (1201-1500 पौधे)45000 रू. प्रति हेक्टेयर
 उच्च घनत्व वृक्षारोपण(1501 से अधिक पौधे)50000 रू. प्रति हेक्टेयर
पात्रता:
  • कृषक के स्वंय की मालिकाना हक की भूमि पर योजना का लाभ देय होगा
  • शामलाती हिस्सेदारी होने की स्थिति में भू स्वामित्व जमाबंदी के आधार पर नोशनल शेयर के अनुसार देय होगा।
आवेदन प्रक्रिया:
  • कृषक नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन करा सकेगा।
  • आवेदक आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज- आधार कार्ड/जनआधार कार्ड/जमाबंदी की नकल (6 माह से अधिक पुरानी नही हो),मिटटी-पानी की जांच रिपोर्ट
अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु:
  • कृषक के खेत में जीवित पौधो के भौतिक सत्यापन के आधार पर ही अनुदान देय होगा।
  • अनुदान राशि आवेदनकर्त्ता के बैंक खाते में हस्तान्तरित की जायेगी।
वैधता
  • चालू वित्तीय वर्ष

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